January 3, 2015 9:30 am

क्या आप जानते हैं कि पहला रोबो कब और क्यों बनाया गया था?

B 233 Hindi

 

रोबो की कहानी आज से 5000 वर्ष पूर्व इजिप्ट में शुरू हुई थी। हुआ यह था कि उस समय के इजिप्ट के धर्मगुरु आम जनता से बहुत सी बातें मनवाना और करवाना चाहते थे। सो उन्होंने रूई, कपड़े व अन्य उपलब्ध पदार्थों से बना एक विशालकाय ढांचा बनवाया, जिसका शरीर तो मनुष्य का था परंतु मुंह एक भेड़िए का था।

 

बस फिर उन्होंने अपने उस विशाल रोबो को रातोंरात शहर के मध्य खड़ा कर दिया और सुबह वहां भीड़ एकत्रित कर ली। उस रोबो के पीछे एक धर्मगुरु पहले से छिपा हुआ था। उसने लोगों से वह सब कहना शुरू किया जो सब धर्मगुरु मिलकर लोगों से करवाना चाहते थे। बेचारी भोली जनता इसे भगवान का आदेश मानकर करने को मजबूर हो गई।

 

यह तो हुई पहले रोबो के बनने की दास्तान। परंतु यह छोटी-सी दास्तान दो बड़े गहरे पहलुओं पर रोशनी डालती है। पहला तो यह कि आज से 5000 वर्ष पूर्व के मनुष्य का I.Q. दर्शाती है जो एक साधारण से रोबो के झांसे में आ गया था। यानी आम लोगों ने मानसिक विकास भी क्रमशः ही किया है। इस दास्तान का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह कि धर्मगुरुओं की लोगों का अपने फायदे के लिए उपयोग करने की मानसिकता बड़ी पुरानी है। और जो उन्होंने आज तक नहीं छोड़ी है। जैसे-जैसे मनुष्य का मानसिक विकास हुआ है, उन्होंने भी नए-नए तरीके के आधुनिक रोबो खोजे ही हैं। फिर वह खोज नए भगवान को इन्ट्रोड्यूस करवाने की हो या फिर वे किसी पुराने शास्त्र का हवाला दे रहे हों। फिर वे चाहे कोई नई विधि बता रहे हों या कोई नया उपाय सुझा रहे हों।

 

उनके इन सारे पाखंडों के पीछे बात एक ही होती है कि आप अपनी मेहनत का कमाया सब उन्हें दे दो, उनका विश्‍व चलाने वाले से सीधा संपर्क है, वे आपका चढ़ावा उनके आदेश पर स्वयं भोगेंगे और बदले में आपके उद्धार की सिफारिश भगवान से कर देंगे। और लोग आज भी उनके झांसे में आ ही रहे हैं। आज भी लोग “उनकी मेहनत तुम्हारा-उद्धार” की स्कीम में फंस ही रहे हैं। इसका सीधा अर्थ यह हुआ कि चन्द जागरुकों को छोड़कर आज भी आम मनुष्य तो 5000 वर्ष के मानसिक विकास के बाद भी धर्मगुरुओं के बनाए नए-नए व आकर्षक रोबों के कहे का अनुसरण करने को मजबूर है ही।

 

…और यह स्पष्ट है ही कि जब तक आम मनुष्य का धर्मगुरुओं के बनाए रोबो से छुटकारा नहीं होता तब तक सम्पूर्ण मनुष्यता के सुखी और सफल होने के सपने देखना बेकार है। बाकी तो आप सब वैज्ञानिक युग में जी रहे हैं, सो सम्पूर्ण मनुष्यता के उद्धार के लिए कौन-सी इंडस्ट्री बंद करवाना जरूरी है, यह आप समझ ही गए होंगे।