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27
Feb

मैं तो ठगा ही गया पर आप चेत सकते हो तो चेतो

  मैंने अभी-अभी शरीर छोड़ा है। पता नहीं मैं कहा पहुंच गया हूँ। पर जहां...[ read more ]

22
Feb

कहीं कृष्ण से भगवद्गीता कहते वक्त कोई चूक तो नहीं हुई है?

  वैसे तो कृष्ण सम्पूर्ण व्यक्तित्व के मालिक हैं। प्रेम, ज्ञान व ध्यान की तो...[ read more ]

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Random Quote

मन का विज्ञान हमारे बुद्धि के ज्ञान से सर्वथा उलटा है। मन के तल पर चूंकि हम गलत कार्य कर पछताते हैं, इसीलिए उसी कार्य को फिर-फिर दोहराते हैं। अतः मन के तल पर पछताना नहीं, समझना हितकर है।



The science of mind is completely contrary to the knowledge of the brain. At the level of mind, as we regret doing the wrong deed, we repeatedly commit the same act. Hence, at the level of mind, it is advisable to understand, not repent.

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