February 4, 2015 9:30 am

प्रेम सीढ़ी-दर-सीढ़ी ही संभव है। अपने से हो, तो ही मनुष्य आसपास वालों से प्रेम कर सकता है। उनसे प्रेम करे तो सम्पूर्ण मनुष्यता के प्रेम में उतर सकता है। …पर कई लोग तो सीधे पत्थरों व जानवरों के प्रेम में पड़ जाते हैं। समझ नहीं आता कि यह धोखा वे किसको दे रहे हैं?

Q-228-Hindi