February 14, 2015 9:30 am

गलत थोड़े ही कह रहा हूँ कि…

B-286-Hindi

 

जंगल की शांति से संसार के उपद्रव अच्छे

      प्रेम न करने से प्रेम के धोके अच्छे

      और मर-मरकर जीने से जी-जी कर मरना अच्छा।

– दीप त्रिवेदी